Sunday, 13 September 2015

अणुव्रत चेतना दिवस 14 सितम्बर 2015

              अणुव्रत चेतना दिवस

अणुव्रत दिवस
अणु अर्थात छोटे, व्रत अर्थात नियम।
छोटे-छोटे नियमों को अणुव्रत कहते है।
       श्रावक की पहली भूमिका है - सम्यक्त्व दीक्षा। उसके पश्चात व्रत दीक्षा स्वीकार की जाती है।
व्रत-दीक्षा का अर्थ है असंयम से संयम की ओर प्रस्थान। एक गृहस्थ श्रावक पूरी तरह से संयमी नही हो सकता है। इसी दृष्टि से भगवान महावीर ने उसके लिए बारह व्रत रूप संयम धर्म का निरुपण किया।
        इन्ही व्रतों को सर्वग्राही बनाने के लिए आचार्य श्री तुलसी ने असाम्प्रदायिक धर्म के तौर पर अणुव्रत आंदोलन का सूत्रपात किया।

No comments:

Post a Comment