Monday, 14 September 2015

जप दिवस 15 सितम्बर 2015

                              जप दिवस                         

                   15 सितम्बर 2015.              

* एक शब्द की आवृत्ति करना, उसे बार-बार दोहराना जप कहलाता है। * जप का अर्थ है - मन्त्र की पुनरावृति।
* वैदिक परम्परा को देखें, जैन या बौद्ध परम्परा को देखें, सबने मन्त्रों का चुनाव किया है।
* जप का प्रयोजन है - विघ्न निवारण। जीवन में बहुत सारी बाधाएं आती है रहती है। मनुष्य अपनी शक्ति के अनुसार उनका निराकरण करता है। कुछ ऐसी बाधाएं भी आती है, जहा मानवीय शक्ति काम नहीं करती वहा वह मंत्रशक्ति का प्रयोग करता है।
* जप का प्रयोजन है - आत्माराधना। आत्मा की आराधना के लिए मन्त्र का प्रयोग किया जाता है। मन्त्र उच्चारण से जो प्रकम्पन होते है वह हमारे जीवन पर, कर्म शरीर पर प्रभाव डालते है।

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